Posts tagged ‘sad’

August 8, 2011

फिर आज मन उदास है

by Dev B

फिर आज मन उदास है
नहीं कोई अपना पास है

जो पास है जिंदा लाश है
टूट रहा हरेक बिश्वास है

भावनाए कर रही त्राश है
अजब सा ये एहसास है

चल रही धीमी साँस है
एक उलझी हुई फाँस है

एक अनबुझी प्यास है
अनजानी ये तलाश है

जिंदगी खेल “ताश” है
मन सोचता “काश” है

गम में भी एक मिठास है
हरेक पल बहुत खास है

दिल नहीं हुआ निराश है
इसे ख़ुशी की भी आश है

मौला मन में तेरा वास है
फिर भी मन क्यूँ उदास है?

-Dev B

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July 30, 2011

तू ही इक मेरे संग

by Dev B

सब के संग हर रंग
मेरे बस तू ही संग
तेरा रंग मेरे अंग अंग
राग मेरा अब तेरे ढंग
रग-रग में मेरे तेरा भंग
तेरे भंग संग मन मलंग


गम मेरे तूही इक मेरे संग

ख़ुशी जब आये बन तरंग
न लाती अब कोई उमंग
आती ख़ुशी करने बस तंग
ख़ुशी करे हुडदंग करे है दंग
ऐ  गम संग तेरे मन पतंग
तेरे बिन कुछ न लगे विहंग

गम मेरे तूही इक मेरे संग
– Dev B
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