Archive for August 8th, 2011

August 8, 2011

फिर आज मन उदास है

by Dev B

फिर आज मन उदास है
नहीं कोई अपना पास है

जो पास है जिंदा लाश है
टूट रहा हरेक बिश्वास है

भावनाए कर रही त्राश है
अजब सा ये एहसास है

चल रही धीमी साँस है
एक उलझी हुई फाँस है

एक अनबुझी प्यास है
अनजानी ये तलाश है

जिंदगी खेल “ताश” है
मन सोचता “काश” है

गम में भी एक मिठास है
हरेक पल बहुत खास है

दिल नहीं हुआ निराश है
इसे ख़ुशी की भी आश है

मौला मन में तेरा वास है
फिर भी मन क्यूँ उदास है?

-Dev B

Advertisements
Tags: , , , ,